- न्यूली लिफ्ट सिंचाई योजना: बंजर खेतों में लौटी हरियाली, किसानों के जीवन में आई खुशहाली
- जब खेतों तक पानी पहुँचता है, तब केवल फसलें ही नहीं, बल्कि किसानों की उम्मीदें भी हरी-भरी हो जाती हैं
- ₹331.43 लाख की योजना बनी किसानों के लिए वरदान, चन्द्रभागा गाड़ से 500 मीटर ऊंचाई तक पहुंचा पानी; खेती, रोजगार और आय को मिला नया आधार
टिहरी : जनपद टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर विकासखंड स्थित न्यूली और सेमी सेमला गांवों में न्यूली लिफ्ट सिंचाई योजना ने ग्रामीण विकास की नई इबारत लिखी है। वर्षों से सिंचाई के अभाव में बंजर पड़े खेत अब लहलहा रहे हैं। चन्द्रभागा गाड़ से करीब 500 मीटर ऊंचाई तक पानी पहुंचाने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने किसानों को न केवल नियमित सिंचाई उपलब्ध कराई है, बल्कि उनकी आय, रोजगार और भविष्य की उम्मीदों को भी नई दिशा दी है।
सिंचाई के अभाव में बंजर थे खेत, वर्षा पर निर्भर थी खेती
न्यूली और सेमी सेमला गांवों के किसान लंबे समय से सिंचाई सुविधा के अभाव में खेती की कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। अधिकांश कृषि भूमि वर्षभर बंजर पड़ी रहती थी और किसान केवल वर्षा आधारित खेती पर निर्भर थे। कम उत्पादन और सीमित आय के कारण कई परिवारों को रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ता था।
₹331.43 लाख की योजना ने बदली खेती की तस्वीर
सिंचाई विभाग के लघु डाल खंड, उत्तरकाशी द्वारा नाबार्ड की RIDF-28 योजना के अंतर्गत ₹331.43 लाख की लागत से न्यूली लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण कराया गया। इस परियोजना के माध्यम से चन्द्रभागा गाड़ से पानी लिफ्ट कर लगभग 500 मीटर ऊंचाई पर स्थित खेतों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों को वर्षभर सिंचाई की सुविधा मिल रही है।
बंजर भूमि पर फिर लहलहाईं फसलें
योजना के शुरू होने के बाद वर्षों से खाली पड़े खेतों में दोबारा खेती शुरू हो गई है। नियमित सिंचाई मिलने से किसानों ने पारंपरिक फसलों के साथ-साथ सब्जियों, औषधीय पौधों और अन्य नकदी फसलों की खेती भी शुरू कर दी है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
खेती से बढ़ी आय, युवाओं का बढ़ा रुझान
ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई सुविधा मिलने से खेती अब लाभ का व्यवसाय बनती जा रही है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और युवा भी आधुनिक कृषि की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इससे क्षेत्र में पलायन की समस्या कम होने की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का बना मॉडल
न्यूली लिफ्ट सिंचाई योजना केवल सिंचाई सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास, कृषि समृद्धि और आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बनकर उभरी है। यह परियोजना साबित करती है कि यदि किसानों को समय पर पानी जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाए तो वे अपने श्रम और संकल्प से बंजर भूमि को भी समृद्ध कृषि क्षेत्र में बदल सकते हैं।
किसानों ने सरकार का जताया आभार
ग्रामीणों और किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में संचालित योजनाओं की सराहना करते हुए न्यूली लिफ्ट सिंचाई योजना के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह योजना क्षेत्र में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और खुशहाली का नया अध्याय लिख रही है तथा आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगी।

