गैरसैंण को जिला बनाने की मांग तेज, विधानसभा सत्र में घोषणा करे सरकार – बहुगुणा विचार मंच

  • ग्रीष्मकालीन राजधानी तक सीमित न रहे गैरसैंण
  • बद्री गाय संरक्षण महाविद्यालय की स्थापना का मुद्दा भी उठाया

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को पूर्ण प्रशासनिक पहचान देने की मांग एक बार फिर उठी है। बहुगुणा विचार मंच ने गैरसैंण को जिला बनाने की मांग करते हुए प्रदेश सरकार से आगामी विधानसभा सत्र में इसकी घोषणा करने का आग्रह किया है। मंच ने कहा कि गैरसैंण को लंबे समय से जनपद का दर्जा देने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।

मंच के गढ़वाल एवं कुमाऊं संयोजक हरीश पुजारी ने कहा कि गैरसैंण को केवल ग्रीष्मकालीन राजधानी तक सीमित रखने के बजाय इसे पूर्ण प्रशासनिक पहचान दी जानी चाहिए। क्षेत्र की जनता वर्षों से गैरसैंण को जिला बनाने की मांग कर रही है। ऐसे में सरकार को विधानसभा सत्र में इस पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि गैरसैंण को जिला बनाने के विरोध में किसी राजनीतिक दल या संस्था का स्पष्ट विरोध सामने नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि गैरसैंण को जिला बनाए जाने से क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने और स्थानीय लोगों को जिला स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासनिक इकाइयों का सुदृढ़ीकरण जरूरी है। इससे लोगों को विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए दूरस्थ जिला मुख्यालयों पर निर्भर रहने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

हरीश पुजारी ने कहा कि उत्तराखंड की जनभावनाएं गैरसैंण को स्थायी राजधानी के रूप में देखती रही हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहाड़ी राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्था में भौगोलिक परिस्थितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में गैरसैंण की राजधानी संबंधी भूमिका पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

मंच ने गैरसैंण को जिला बनाने के साथ ही आगामी विधानसभा सत्र में बद्री गाय संरक्षण महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा करने की मांग भी उठाई है। पुजारी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप पशुपालन और बद्री गाय के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की पहल महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने प्रदेश सरकार से दोनों मुद्दों पर आगामी सत्र में ठोस घोषणा करने की अपेक्षा जताई।

 

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

16 नवंबर को रात 9ः37 बजे बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

Tue Oct 20 , 2026
12 नवंबर से शुरू होंगी पंच पूजाएं 17 नवंबर को शीतकालीन प्रवास पर रवाना होंगी उत्सव डोलियां गोपेश्वर (चमोली)। विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। विजयदशमी पर मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और पंचांग […]

You May Like

Breaking News

Share
error: