भाजपा विधायक के वायरल पत्र से सियासत गरमाई, गणेश गोदियाल ने की SIT जांच की मांग, कहा-मामला बहुत गंभीर 

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब भाजपा विधायक अरविंद पाण्डेय से जुड़ा एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर गंभीर सवाल खड़े किए।

गोदियाल ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने दो बार राज्यपाल से मिलने का समय मांगा, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। उनका कहना था कि वे राज्यपाल के समक्ष सत्ता के दुरुपयोग और सरकार में बैठे लोगों के कथित कारनामों को रखना चाहते थे।

देहरादून बार प्रकरण पर भी उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान गोदियाल ने देहरादून के एक बार से जुड़े हालिया प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना के बाद पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों—एसपी, एसएसपी और आईजी—की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तो आम जनता शिकायत किससे करे।

वायरल पत्र बना चर्चा का केंद्र

गोदियाल ने भाजपा विधायक अरविंद पाण्डेय से जुड़े वायरल पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पत्र की सत्यता की पुष्टि आवश्यक है, लेकिन यदि इसमें लिखी बातें सही हैं तो मामला अत्यंत गंभीर है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, पत्र में दावा किया गया है कि विधायक पिछले चार वर्षों से मुख्यमंत्री द्वारा कथित उपेक्षा और षड्यंत्र से परेशान हैं। साथ ही आरोप है कि 8 जनवरी को एसएसपी के माध्यम से उनके पुत्र को धमकाया गया और सामाजिक जीवन खत्म करने तक की बात कही गई।

सरकार और पुलिस पर साधा निशाना

गोदियाल ने कहा कि वे पहले भी आरोप लगाते रहे हैं कि पुलिस विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के हितों की रक्षा में लगे हैं। अब जब सत्ता पक्ष के विधायक से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है, तो उनके आरोपों को बल मिलता है।

उन्होंने एक अन्य पत्र का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के कथित संबंधों और राजनीतिक दबाव की बात भी उठाई, जिसमें कुछ स्थानीय नेताओं के जरिए उनके खिलाफ कार्रवाई कराने के आरोप लगाए गए हैं।

SIT जांच की मांग

गोदियाल ने कहा कि यदि सत्ताधारी दल का विधायक ही अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की। साथ ही सुझाव दिया कि जांच हाईकोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का भरोसा कायम रहे।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

हरिद्वार में आस्था से खिलवाड़, गंगा नहलाया कुत्ता, डंडे से मारी मछलियां, लोगों भारी में रोष

Sat May 2 , 2026
हरिद्वार: कुंभ मेले के नजदीक आते ही धर्मनगरी हरिद्वार में व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हाल के दिनों में गंगा घाटों पर धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन के कुछ मामले सामने आए हैं, जिनसे स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, हर की […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!