पेपर लीक व निहंग विवाद पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

गोपेश्वर (चमोली)। कांग्रेस ने नीट पेपर लीक और हालिया कर्णप्रयाग और नगरासू में हुए निहंगों सिखों की घटना पर प्रदेश की प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि सरकार कानून व्यवस्था को बनाने पेपर लीक माफियाओं पर अंकूश लगाने में नाकामयाब साबित हुई है।

गोपेश्वर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश डिमरी ने कहा कि पूरे देश के साथ ही प्रदेश में बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामले रोकने में भाजपा केंद्र तथा प्रदेश की सरकार विफल हो रही है। इससे बच्चों के माता पिता पर आर्थिक बोझ तो पड़ ही रहा है बच्चों का भविष्य भी बर्वाद हो रहा है। कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं में हताशा का भाव पैदा कर दिया है। उनके सामने रोजगार के अवसर समाप्त होते दिखाई दे रहे है। ऐसे में भावुक होकर युवा आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा रहे हैं जो सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। कहा कि युवाओं की इन ही समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में युवाओं के साथ संवाद किया था जिसे छात्रों की गूंज नाम दिया गया। इसमें उन्होंने युवाओं को धैर्य रखते हुए अपनी सकारात्मक उर्जा के साथ मेहनत करने का संदेश दिया था।

कांग्रेस के थराली के पूर्व विधायक डा. जीत राम ने कहा कि पेपर लीक की घटना से परीक्षा देने वाला छात्र का भविष्य ही बर्वाद नहीं हो रहा बल्कि एक पूरा परिवार इससे प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सरकार की सह के इस तरह की घटना होना संभव नहीं है। इसके लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है और वह अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पेपर करवा रही एजेंसी की जबावदेही तय करनी होगी। कोर्ट में सरकार को मजबूती के साथ अपना पक्ष रखना होगा ताकि इन मामलों के पीछे लोगों को बचाव का मौका न मिल सके।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने कर्णप्रयाग और नगरासू की घटना की निंदा करते हुए कहा कि दोनों की घटनाऐं उत्तराखंड की शांतवादियों को अशांत करने के लिए जिम्मेदार हैं। कहा कि कर्णप्रयाग की घटना के बाद उन्होंने प्रशासन के साथ बैठक कर सरकार के सम्मुख मांग रखी थी कि घटना में घायल स्थानीय युवाओं को मुआवजा दिया जाए, यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं को हथियारों के साथ यात्रा करने पर पाबंदी लगाई जाए तथा हेमकुंड साहिब की यात्रा को कुछ दिनों के लिए स्थगित किया जाए, लेकिन सरकार ने उनकी एक भी मांग पर मौजूदा समय तक कोई गौर नहीं किया नतीजन नगरासू की घटना सामने आ गई। उन्होंने कहा कि अब कर्णप्रयाग की घटना की जांच हरिद्वार जिले के एसएसपी को सौंपी गई है जो सरासर गलत है। कहा कि यहां के स्थानीय लोग ही घटना में सबसे अधिक पीड़ित है और उन्हीं को अब जांच के लिए हरिद्वार के चक्कर लगाने होंगे। कहा कि यदि इस पर सरकार ने पुनः विचार नहीं किया जो बड़ा जनांदोन किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने रूद्रप्रयाग के निकट बन रहे बहुमंजिला गुरूद्वारे पर भी प्रश्न खड़े करते हुए इसकी जांच की मांग की है। कहा कि होटल निर्माण में एनजीटी के नियमों के साथ ही पहाड़ में निर्माण के लिए बने नियमों की भी अनदेखी की जा रही है। इस पर भी कांगेस आने वाले समय में आंदोलन के लिए रणनीति बना रही है। पत्रकारों से वार्ता के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया। इसमें सरकार से नीट पेपर लीक मामले समेत कर्णप्रयाग और नगरासू की घटना पर जांच की मांग की गई।

इस दौरान बरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष आनंद सिंह पंवार, विपिन फरस्वाण, योगेंद्र बिष्ट, मुकुल बिष्ट, संदीप झिक्वाण, कुंवर सिंह भंडारी, गोपाल रावत आदि मौजूद रहे।

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