सीमित साधन, बड़े सपने… चमोली के सरकारी स्कूलों की नई कहानी

  • डायट की पहल से सामने आ रहे गांवों के स्कूलों के बेहतर काम
  • अब तक तीन ब्लॉकों के 31 विद्यालय श्रृंखला में शामिल

गोपेश्वर (चमोली)। सीमित संसाधनों के बीच बेहतर पढ़ाई, नए प्रयोग और विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने वाले चमोली जिले के सरकारी विद्यालय अब लोगों के सामने अपनी पहचान बना रहे हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चमोली ने ऐसे विद्यालयों के प्रयासों को सामने लाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में जनपद चमोली के बढ़ते कदम नाम से विशेष श्रृंखला शुरू की है। डायट के फेसबुक पेज के माध्यम से संचालित इस श्रृंखला में विद्यालयों के नवाचार और उपलब्धियों को साझा किया जा रहा है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल के तहत शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम देने वाले विद्यालयों को चिह्नित किया जा रहा है। इसमें शैक्षिक नवाचार, विज्ञान, खेल, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अकादमिक और भौतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाले विद्यालयों को शामिल किया जा रहा है। श्रृंखला के तहत जिले के 100 विद्यालयों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

पहले चरण में प्रत्येक विकासखंड से 10 विद्यालयों को शामिल किया जा रहा है। अब तक देवाल, थराली और नारायणबगड़ के 31 विद्यालय इस श्रृंखला का हिस्सा बन चुके हैं। इसमें देवाल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय ल्वाणी, आदर्श प्राथमिक विद्यालय देवाल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सवाड़ तल्ला, प्राथमिक विद्यालय उलंग्रा, बेराधार, तलोर और मुंदोली, राजकीय जूनियर हाईस्कूल बांक, राजकीय इंटर कॉलेज वाण और अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज मुंदोली को इसमें शामिल किया गया है। थराली से राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय डूंगरी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भैरगढ़, गैरूड़, गुड़म स्टेट, राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय थराली, राजकीय जूनियर हाईस्कूल गूमड़, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुनाऊं, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज तलवाड़ी और राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज थराली को स्थान मिला है। नारायणबगड़ के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय चोपता, राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल चोपता, राजकीय प्राथमिक विद्यालय डडुवागाड़, असेड़, मींग, राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय नारायणबगड़, प्राथमिक विद्यालय किमोली, पीएम श्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय सणकोट, राजकीय इंटर कॉलेज नारायणबगड़, राजकीय इंटर कॉलेज रैंस चोपता और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय देवीधार किमोली को भी श्रृंखला में शामिल किया गया है।

डायट की इस पहल से सरकारी विद्यालयों में हो रहे नवाचार और सकारात्मक बदलाव को सामने लाने के साथ एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय तक सीखने की संस्कृति को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

अच्छे काम से दूसरे स्कूल भी सीखेंगे

मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने कहा कि जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक और विद्यालय स्तर पर कई नवाचारी और उल्लेखनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों को व्यापक मंच मिलने से दूसरे विद्यालयों को भी प्रेरणा मिलेगी और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र ने कहा कि पहल का उद्देश्य केवल विद्यालयों की उपलब्धियों का प्रचार करना नहीं है। अच्छे नवाचार और प्रभावी शैक्षिक प्रयोग दूसरे विद्यालयों तक पहुंचाना भी इसका उद्देश्य है, ताकि शिक्षक और विद्यालय एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकें। उन्होंने कहा कि चमोली के कई विद्यालयों में शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर परिणाम के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों को पहचान और मंच मिलने से शिक्षकों और विद्यालयों का मनोबल बढ़ेगा।

अक्टूबर में तीन और ब्लॉक जुड़ेंगे

डायट के अनुसार अक्टूबर में दशोली, पोखरी और कर्णप्रयाग विकासखंडों के उल्लेखनीय कार्य करने वाले विद्यालयों को भी श्रृंखला में शामिल किया जाएगा। इसके बाद जिले के अन्य विकासखंडों के विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा।

 

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