मंत्री रेखा आर्या–गिरधारी साहू विवाद गरमाया, 210 करोड़ की संपत्ति के आरोप से सियासी हलचल

देहरादून : उत्तराखण्ड की महिला एवं बाल विकास मंत्री और भाजपा नेता रेखा आर्या तथा उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। रेखा आर्या ने जहां अपने पति पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं साहू ने पलटवार करते हुए मंत्री पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जुटाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
 
यह विवाद उस समय और बढ़ गया, जब रेखा आर्या ने अपने पति के खिलाफ देहरादून के कैंट पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने एक वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया और मंत्री से शिकायत वापस लेने की अपील की।
 
गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या पर लगाए 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति के आरोप
शुक्रवार को जारी एक वीडियो में गिरधारी लाल साहू ने दावा किया कि रेखा आर्या ने कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले की जांच किसी उपयुक्त जांच एजेंसी से कराने की मांग की।
 
हालांकि, साहू ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत सार्वजनिक नहीं किया। उन्होंने केवल इतना कहा कि वह जल्द ही इस मामले में विस्तार से जानकारी देंगे। फिलहाल, उनकी ओर से लगाए गए संपत्ति संबंधी आरोपों की पुष्टि करने वाले साक्ष्य सामने आने की जानकारी नहीं है।
 
ऑडियो रिकॉर्डिंग को साहू ने बताया फर्जी और AI से तैयार
रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख किया है। उनका संदेह है कि इस रिकॉर्डिंग में गिरधारी लाल साहू और एक अन्य महिला के बीच उनकी हत्या की साजिश को लेकर बातचीत हुई है।
 
वहीं, साहू ने इस रिकॉर्डिंग को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने इसे फर्जी, एआई की मदद से तैयार किया गया और मनगढ़ंत बताया। साहू के अनुसार, इस रिकॉर्डिंग का उद्देश्य परिवार के भीतर विवाद पैदा करना है। उन्होंने रेखा आर्या से एफआईआर वापस लेने और अपने बयानों को वापस लेने की अपील भी की। 
 
रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
गुरुवार को रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक अपशब्दों के इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी देने की बात कही।
 
इसके बाद उन्होंने देहरादून के कैंट पुलिस थाने में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की तीन धाराओं सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।
 
15 अक्टूबर को दी गई शिकायत में आर्या ने आरोप लगाया कि साहू ने अपनी पिछली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें धमकाया गया और कुछ कंपनियों में निदेशक पदों से हटाने के लिए कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
 
साहू बोले- 17 साल तक मैंने संभाला रेखा आर्या का चुनाव प्रचार
अपने वीडियो में गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या के राजनीतिक सफर में अपनी भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 17 वर्षों तक उन्होंने आर्या के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाली और उनके पक्ष में लोगों से वोट मांगे।
 
साहू ने कहा कि रेखा आर्या के राजनीतिक जीवन में उनकी भूमिका से उत्तराखण्ड के लोग परिचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक पद मिलने के बाद आर्या के व्यवहार में अहंकार आ गया है।
 
कार के अंदर रिकॉर्ड किए गए वीडियो में साहू ने कहा कि किसी व्यक्ति को यह नहीं मानना चाहिए कि वह जीवनभर मंत्री या जनप्रतिनिधि बना रहेगा। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और सत्ता हमेशा एक जैसी नहीं रहती।
 
साहू ने अपने बयान में कहा, “आज आप सत्ता में हैं, लेकिन आप उन दिनों को भूल गई हैं जब मैंने आपको उस मुकाम तक पहुंचने में मदद की थी, जहां आप आज हैं।”
 
उन्होंने रेखा आर्या से अपने आरोपों और बयानों पर दोबारा विचार करने की अपील की।
 
बयान वापस लेने की अपील, भोले बाबा का भी किया जिक्र
गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या से उनके खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर वापस लेने और सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया।
 
वीडियो में साहू ने रेखा आर्या को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर आपने अपना बयान वापस नहीं लिया, तो भोले बाबा आपसे हर एक बात का हिसाब लेंगे।”
 
उनके इस बयान के बाद दोनों के बीच चल रहा विवाद और चर्चा में आ गया है। हालांकि, दोनों पक्षों के आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
 
रेखा आर्या की हालत स्थिर, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी
सीने में दर्द की शिकायत के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को गुरुवार को द्वारिका चौक स्थित कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया। शुरुआती जांच में उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ और दिल की धड़कन तेज पाई गई।
 
डॉक्टरों के मुताबिक, ट्रोपोनिन का स्तर भी सामान्य से थोड़ा अधिक मिला है, जिसके बाद आगे की जांच की जा रही है। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सिद्धांत खन्ना ने बताया कि मंत्री की हालत फिलहाल स्थिर है और डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी करते हुए जरूरी उपचार कर रही है।

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